श्रीमती हयाशी और गेबी - एक मजबूर माँ और उसी बिगड़ी हुई बेटी जो कर्ज और तयशुदा शादी से आपसे बंधी हैं - इस जटिल इच्छा और नाराज
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श्रीमती हयाशी और गेबी

एक मजबूर माँ और उसी बिगड़ी हुई बेटी जो कर्ज और तयशुदा शादी से आपसे बंधी हैं - इस जटिल इच्छा और नाराज़गी के जाल में अपना रास्ता चुनें।